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18 June 2010

दिल के साथ संगदिली ठीक नहीं

दैनिक जागरण, नई दिल्ली, दिल्ली

बात चिंताजनक है। कोरोनरी आर्टरी डिजीज (हृदय-धमनी रोग) देश में 'नंबर वन किलर' के रूप में सामने आ रही है। दरअसल वसा (लिपिड्स) के संदर्भ में भारतीयों की जेनेटिक संरचना ही ऐसी है कि वे सहजता से इस मर्ज से ग्रस्त हो जाते हैं। इसके अलावा डाइबिटीज और मोटापे के बढ़ते मामले, धूम्रपान की लत, व्यायाम या शारीरिक श्रम का अभाव और खान-पान की गलत आदतें इसके लिए कुसूरवार हैं।

कोरोनरी आर्टरीज हृदय की मांसपेशी को रक्त की आपूर्ति करती हैं। जब इन आर्टरीज के अंदरूनी भाग में अत्यधिक मात्रा में कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और अन्य तत्व संचित हो जाते हैं, तो इस स्थिति में रक्त वाहिनियां सँकरी हो जाती हैं। नतीजतन, हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहींहोती। इस स्थिति में सीने में दर्द होने लगता है। जब हृदय को रक्त की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो जाती है, तब हार्ट अटैक पड़ता है। कोरोनरी आर्टरी डिजीज की रोकथाम के लिए और जो व्यक्ति इस बीमारी से पहले ही ग्रस्त हो चुके हैं, इन दोनों ही मामलों में लोगों को एकसमान सुझावों पर अमल करना चाहिए। उदाहरण के तौर पर जीवन-शैली में सकारात्मक सुधार- जैसे व्यायाम करना, डाइबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर जैसी शिकायतों को नियंत्रित करना, हृदय को सशक्त बनाने वाला आहार ग्रहण करना और धूम्रपान की लत से दूर रहना आदि।

जीवन-शैली में परिवर्तन

व्यायाम रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर, हाई ब्लडप्रेशर को कम करने और वजन को नियंत्रित करने में सहायक है। ऐसा वजन जो स्वास्थ्य के अनुकूल हो। प्रतिदिन लगभग 30 मिनट तक व्यायाम करें। अगर आप कोरोनरी आर्टरी डिजीज से ग्रस्त हैं, तो व्यायाम करना आपके लिए महत्वपूर्ण है। चाहे आप थोड़े समय के लिए ही क्यों न करें। ये न करने से तो बेहतर है।किसी भी व्यायाम कार्यक्रम पर अमल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें। डॉक्टर ई।सी।जी. और एक्सरसाइज स्ट्रेस टेस्ट कराकर यह आकलन कर सकता है कि आपका हृदय सुरक्षित रूप से किस हद तक शारीरिक परिश्रम को बर्दाश्त कर सकता है। यदि व्यायाम या शारीरिक श्रम करने से आपके सीने में दर्द होने लगे, चक्कर या बेहोशी-सी आने लगे, सांस लेने में तकलीफ होने लगे, तो व्यायाम या किसी भी शारीरिक गतिविधि को तुरंत रोक दें।

स्वास्थ्यकर आहार

हृदय के अच्छे स्वास्थ्य के लिए आहार में पर्याप्त मात्रा में फलों व सब्जियों, साबुत अनाजों और फाइबरयुक्त आहार को प्राथमिकता दें। ऐसे खाद्य पदार्र्थो का चयन करें, जिनमें सैचुरैटेड फैट और ट्रांस फैट कम से कम हो। ओमेगा-3 फैटी एसिड्स (जो मछली में पाया जाता है) दिल की सेहत के लिए अत्यंत अच्छा है।

डाइबिटीज पर नियंत्रण

अन्य रोगों से पीड़ित मरीजों की तुलना में डाइबिटीज के मरीजों पर इलाज कम प्रभावी होता है। ऐसे मरीजों की धमनियों में गंभीर अवरोध होने के बावजूद कोई जरूरी नहीं कि उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हो। इसलिए डाइबिटीज को नियंत्रित करना आवश्यक है और तभी आपका कोरोनरी आर्टरी डिजीज से भी बचाव संभव है।

कम करें तनाव

तनाव दिल की धड़कन, ब्लडप्रेशर और कुछ विशेष हार्मोन्स का स्राव बढ़ाकर आपके दिल को नुकसान पहुंचा सकता है। यही नहीं, तनाव से व्यक्ति की नींद व एकाग्रता बाधित होती है। इसके अलावा सिरदर्द, पेटदर्द और पीठ व गले में दर्द की शिकायतें भी संभव हैं। तनाव कम करने के लिए अपने मन की अनुभूतियों को दबाइए नहींबल्कि इन्हें अपने अंतरंग लोगों के समक्ष प्रकट कीजिए। परिजनों व मित्रों से मिलिए-जुलिए। इन सब से तनाव को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

तनाव से उबरने के लिए अनेक लोग अत्यधिक मात्रा में खाने-पीने लगते हैं। वहींकुछ लोग हैं, जो निष्क्रिय जीवन-शैली जैसे काफी देर तक टेलीविजन देखना पसंद करते हैं। इसी तरह कुछ लोग, चाय, कॉफी व शराब का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने लगते हैं, जो सेहत के लिए हानिप्रद हैं। इनके सेवन से कई बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। तनाव को काबू में लाने के लिए प्रतिदिन अपने लिए वक्त निकालें और उस हॉबी में मशगूल हों, जिसे पूरा करने में आपको आनंद मिलता है। योग, प्राणायाम, व्यायाम और मेडिटेशन तनाव को नियंत्रित रखने में प्रभावी हैं। बहरहाल, स्वस्थ जीवन-शैली को अपनाकर, जोखिम वाले कारकों को नियंत्रित कर और शुरुआती अवस्था में इस मर्ज का पता लगाकर कोरोनरी आर्टरी डिजीज को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

धूम्रपान छोड़ देना ही अच्छा

धूम्रपान छोड़ देना कोरोनरी आर्टरी डिजीज(सी.ए.डी.) व हार्ट अटैक की रोकथाम का एक महत्वपूर्ण कारण है। वस्तुत: किसी भी रूप में तंबाकू सेवन से सी.ए.डी. के होने के खतरे बढ़ जाते हैं। पाइप व सिगार पीने की तुलना में सिगरेट की लत सी.ए.डी. की संभावनाओं को काफी बढ़ा देती है। सी.ए.डी. से होने वाली कुल मौतों में लगभग 30 फीसदी मौतें सिगरेट की लत के चलते ही होती हैं। धूम्रपान की यह लत इस मर्ज में सडेन डेथ(अचानक मौत)की आशंकाओं को बढ़ा देती है। एक साल तक सिगरेट छोड़ देने के बाद सी.ए.डी.से ग्रस्त होने का जोखिम 50 फीसदी तक कम हो जाता है। धूम्रपान छोड़ देने से धमनियों में दोबारा सँकरापन होने का जोखिम भी कम हो जाता है।

डॉक्टर से संपर्क कर निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरैपी (पैचेस या च्यूइंगम, जो निकोटीन की तलब को छुड़ाने में सहायक हैं) के बारे में जानकारी हासिल करें। काउंसलिंग करें। सिगरेट छोड़ने का एक महत्वपूर्ण राज यह है कि आप धूम्रपान की लत से निजात पाने के संकल्प को तब तक न छोड़ें, जब तक कि इस लत से पूरी तरह मुक्त नहींहो जाते।

कोलेस्ट्रॉल क्या है?

कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार की वसा या फैट (लिपिड)है। वसा शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्र्यो का संचालन करती है। जैसे नई कोशिकाओं का निर्माण करना। कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर हृदय रोग और स्ट्रोक के खतरों को बढ़ा देता है। जिसके कई कारण हैं। जैसे ऐसे खाद्य पदार्र्थो को ग्रहण करना, जिनमें कोलेस्ट्रॉल या सैचुरेटेड फैट उच्च मात्रा में पाया जाता हो। और कारण।

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तम्बाकू किल्स न्यूज़ बुलेटिन
शुक्रवार, १८ जून २०१०
अंक- ९७२
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