Latest issues of CNS Daily Tobacco News Monitoring Reports

29 June 2010

दफ्तर से गायब रहने के पीछे सिगरेट और शराब

दैनिक भास्कर, नई दिल्ली, दिल्ली

सिगरेट और शराब सिर्फ स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाते दफ्तरों में उपस्थिति के लिए बुरे हैं। एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) के एक अध्ययन में पाया गया है कि दफ्तरों में 20 फीसदी लोग हर हफ्ते इन्हीं कारणों से अनुपस्थित रहते हैं। अध्ययन के मुताबिक, भारत के दो फीसदी कॉरपोरेट कर्मचारी खराब और खुद को खत्म करने वाली लाइफस्टाइल के शिकार हैं। इस लाइफस्टाइल में धूम्रपान, अधिक शराब पीना और जंक फूड खाना शामिल है जो अंतत: गंभीर बीमारियों की ओर ले जाती हैं। 12 फीसदी कर्मचारी धूम्रपान और जंक फूड के आदी हैं।

अध्ययन में पाया गया है कि आमतौर पर कॉरपोरेट कर्मचारी अपने स्वास्थ्य के बारे में जागरूक हैं। हालांकि उनमें 29 फीसदी सिगरेट पीते हैं और 5 फीसदी सिगरेट के साथ-साथ शराब की लत के भी शिकार हैं। इन आदतों से हर हफ्ते 20 फीसदी अनुपस्थिति होती है जिससे सालाना 70 से 80 अरब का नुकसान होता है। साथ ही कॉरपोरेट जगत में डेडलाइंस और तनाव से लोगों में नींद से जुड़ी हुई बीमारियां भी बढ़ी हैं। नींद की कमी के कारण दिन में थकान, शारीरिक असहजता, मानसिक तनाव और कार्यक्षमता में कमी जैसी समस्याएं होती हैं। कॉरपोरेट कर्मचारियों में से 24 फीसदी रोजाना 6 घंटे से भी कम नींद लेते हैं जिससे उनकी कुशलता पर प्रभाव पड़ता है।

पूरा समाचार पढ़ने के लिये यहाँ पर क्लिक कीजिये
----------------------------------------------------
तम्बाकू किल्स न्यूज़ बुलेटिन,
मंगलवार, २९ जून २०१०
अंक-९८३
Contact email: tambakoo.kills@gmail.com