दैनिक भास्कर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश
हमीरपुर जिला में 45 फीसदी कॉलेज के छात्र स्मोकिंग करते हैं जबकि 16 फीसदी स्कूली छात्र छात्र स्मोकिंग करते हैं। हमीरपुर में कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों का स्मोकिंग की ओर बढ़ रहा रूझान स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चिंता का विषय है। यही नहीं स्कूली छात्राएं भी अब स्मोकिंग में दिलचस्पी लेने लगी हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाए गए इस जिला स्तरीय सर्वे में यह खुलासा हुआ है। करीब दो महीने तक जिले में हुए सर्वे को स्वास्थ्य उपकेंद्रों के कार्यकर्ताओं ने पूरा किया है।
43330 पर किया सर्वे
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने जिला हमीरपुर में कुल 43330 लोगों पर यह सर्वे पूरा किया है। जिसमें 38006 कॉलेज के छात्र और 12739 स्कूली छात्र इसमें शामिल किए गए। सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार जिला हमीरपुर में कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र सिगरेट व बीड़ी पीने के आदी हैं। कॉलेज में पढ़ने वाले करीब 45.4 फीसदी छात्र स्मोकिंग करते हैं जबकि 0.2 फीसदी छात्राओं को स्मोकिंग की आदी पाया गया है।
स्कूली छात्रों पर किए गए सर्वे में खुलासा हुआ है कि जिला के 16.3 फीसदी स्कूली छात्र स्मोकिंग में दिलचस्पी लेते हैं। हैरानी की बात है कि कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं की अपेक्षा स्मोकिंग करने वाली स्कूली छात्राओं की संख्या अधिक है। जिला में 1.4 फीसदी स्कूली छात्राओं को स्मोकिंग का शौकीन पाया गया है। महिला और पुरुषों का स्मोकिंग का आदी होने का अंतर काफी अधिक है। जिला के 46 फीसदी पुरुष और 2.3 फीसदी महिलाएं स्मोकिंग के आदी पाए गए हैं।
सरकारी कार्यालयों में लगेगें साइनबोर्ड
हमीरपुर: सीएमओ डॉ. डीएस चंदेल ने कहा है कि तंबाकू के सेवन को निषेध बनाने के लिए जिला के सभी सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर साइनबोर्ड लगाने अनिवार्य कर दिए हैं। विभाग ने करीब 2000 बोर्ड इन कार्यालयों को भिजवाए हैं। साइनबोर्ड लगाने के मामले में संबंधित विभाग कोताही नहीं बरतेंगे। बोर्ड भिजवाने के बाद उनसे आरटीआई के तहत जानकारी ली जाएगी।
यदि कोताही बरती गई तो इस मामले में आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। शुक्रवार को एमपीडब्ल्यू प्रशिक्षण स्कूल में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में किसी तरह की एस्ट्रे भी नहीं रखी जा सकती। ऐसा पाए जाने पर संबंधित विभाग के मुखिया के खिलाफ चालान काटकर कार्यवाही की जाएगी। शिक्षण संस्थानों के चारदीवारी से 100 मीटर की आड़ी-तिरछी दूरी पर कोई भी दुकान सिगरेट की नहीं लगा सकता। ऐसा होने पर उसका चालान काटा जाएगा। 30 कमरों और कुर्सियों वाले होटल और रेस्टोरेंटस में स्मोकिंग जोन बनाया जाना जरूरी है।
"10 दिन पहले यह सर्वे पूरा हुआ था और इसमें व्यापक स्तर पर काम किया गया है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों के आंकड़े मिलाकर यह परिणाम निकला है। युवाओं में स्मोकिंग की आदत बढ़ना चिंता का विषय है। "
डॉ. डीएस चंदेल, सीएमओ,हमीरपुर
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तम्बाकू किल्स न्यूज़ बुलेटिन,
बुधवार, ०१ सितम्बर २०१०
अंक-२०३१