दैनिक जागरण, वैशाली, बिहार
हाजीपुर: भारत में प्रत्येक वर्ष लगभग 7 लाख लोगों को कैंसर की बीमारी होती है जिसमें लगभग 3 लाख लोगों को ओरल (मुंह) कैंसर होता है जिसका मुख्य कारण तम्बाकू का सेवन है। हमारे देश में लगभग 2000 लोगों की मौत प्रतिदिन तम्बाकू सेवन के कारण होती है। डा. शुक्ला ने बताया कि ओरल-कैंसर के सही इलाज हेतु मरीज का प्रारंभिक स्तर पर ही जांच एवं समय पर बीमारी का पता चलना आवश्यक है।
शहर के अस्पताल रोड स्थित दंत अस्पताल ओरल-केयर डेन्टल हास्पीटल में मुफ्त ओरल-कैंसर जांच शिविर के मौके पर शहर के प्रसिद्ध दंत रोग विशेषज्ञ डा. नितेश शुक्ला ने उक्त बातें कही। शिविर का आयोजन शांति मोहन फाउंडेशन एवं स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। शिविर में शहर के प्रसिद्ध दंत चिकित्सक डा. नितेश शुक्ला के द्वारा तम्बाकू का सेवन करने वाले ओरल कैंसर के संभावित मरीजों के मुंह की जांच की गयी। शिविर में लगभग 100 मरीजों की जांच एवं उनका पैथोलाजिकल टेस्ट कराया गया।
शिविर में डा. शुक्ला ने मरीजों को तम्बाकू से होने वाली बीमारियों एवं उससे बचाव के बारे में विस्तार से बताया। मरीजों को ओरल कैंसर के लक्षण एवं उससे संबंधित जांच के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गयी। डा. शुक्ला ने बताया कि हमारे प्रदेश में तम्बाकू का सेवन करने वालों की संख्या काफी अधिक है तथा जांच के अभाव में लोगों को बीमारी की जानकारी तब होती है जब वे अंतिम अवस्था में होते है। डा. शुक्ला ने बताया कि हमारी संस्था द्वारा लोगों को ओरल-कैंसर के जांच की मुफ्त सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी तथा विशेष अभियान चलाकर लोगों को शिक्षित किया जायेगा कि वे तम्बाकू का सेवन न करे। इस अवसर पर काफी संख्या में लोगों ने अपने मुंह एवं दांतों की जांच करायी। शिविर में डा. नितेश शुक्ला के साथ डा. विकास, डा. मनोज एवं डा. विनीत कुमार ने लोगों की जांच की।
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तम्बाकू किल्स न्यूज़ बुलेटिन,
बुधवार, २९ सितम्बर २०१०
अंक- २०८६